
- वृंदावन ग्राम बड़चीचोली में प्राकृतिक खेती पर कार्यशाला, किसानों को नवाचार एवं प्राकृतिक पद्धति अपनाने का संदेश
संवाददाता धनंजय जोशी - जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
पांढुरना – वर्ष 2026 को किसान कल्याण के रूप में मना रहे है जिसमें कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के मार्गदर्शन में आज मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना अंतर्गत किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग पांढुर्णा द्वारा प्राकृतिक खेती विषय पर प्रशिक्षण आयोजन किया गया।

जिसमें उपसंचालक कृषि श्री जितेंद्र सिंह द्वारा प्रशिक्षण में उपस्थित कृषकों को प्राकृतिक खेती की महत्ता बताते हुए रसायनों के उपयोग को बंद कर प्राकृतिक तरीके से खेती करने प्रोत्साहित किया। यह प्रशिक्षण बड़चीचोली के गोवर्धन गोशाला में आयोजित किया गया। इस कार्यशाला में उपस्थित किसानों को जीवामृत, निर्मास्त्र, घन जीवामृत बनाने की विधि का जीवंत प्रदर्शन कर प्राकृतिक खेती के लिए प्रोत्साहित किया गया।

इस प्रशिक्षण में उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग से श्री एम.एल. उईके, श्री सिद्धार्थ दुपारे द्वारा विभागीय कृषक हित योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही पशुपालन विभाग से अधिकारियों द्वारा पशुपालन विभाग की योजनाओं की जानकारी दी गई।
इस कार्यशाला में ग्राम सरपंच श्रीमती भारती शेंडे, अनु विभागीय अधिकारी कृषि सुश्री अर्चना डोंगरे, सहायक संचालक कृषि श्री दीपक चौरसिया, श्री सचिन दास, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी विनोद लोखंडे, कृषि विस्तार अधिकारी पंकज पराड़कर, सुनील गजभिए, साक्षी खरात एवं ग्राम के प्रगतिशील कृषक उपस्थित रहे।

साथ ही ग्राम के उन्नतशील कृषक श्री गजानन डिग्रसे के खेत में नवाचार के अंतर्गत ली जा रही कटहल एवं गेहूं की फसल का अवलोकन किया गया। कृषक श्री गजानन डिग्रसे ने बताया विभाग के मार्गदर्शन में कटहल की फसल लगाई है एवं किसान को कृषि फसलों के साथ साथ कटहल की फसल से अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। किसान द्वारा प्राकृतिक विधि का उपयोग किया जा रहा है।
- उपसंचालक कृषि श्री सिंह ने किसान के द्वारा की जा रही नवाचार गतिविधि को सराहा गया है और जिले के अन्य कृषकों से अपील की है कि खेती में नवाचार एवं प्राकृतिक खेती अपनाकर कम लागत में अधिक आय प्राप्त कर सकते है।